टीवी की आवाज़ बढ़ानी पड़ती है? बातें दोहरानी पड़ती हैं? सुनने की समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है — जितनी देर से जांच, इलाज उतना कठिन। हमारे क्लिनिक में योग्य ऑडियोलॉजिस्ट साउंडप्रूफ रूम में पूरी जांच करते हैं — 30-45 मिनट में आपको सटीक जवाब मिलता है।
हम क्या इलाज करते हैं
- प्योर टोन ऑडियोमेट्री (PTA) — कौन सी आवाज़ कितनी सुनाई देती है, पूरा नक्शा
- स्पीच ऑडियोमेट्री — शब्द कितने साफ समझ आते हैं
- टिम्पैनोमेट्री — कान के पर्दे और मध्य कान की जांच
- बच्चों के लिए खेल-आधारित जांच (CPA)
- रिपोर्ट उसी दिन, हिंदी में पूरी समझाइश के साथ
ये लक्षण हों तो जांच कराएं
- टीवी या मोबाइल की आवाज़ घर के बाकी लोगों से ज्यादा रखनी पड़ती है
- बातचीत में बार-बार "क्या कहा?" पूछना पड़ता है
- भीड़, शादी या बाज़ार के शोर में बातें समझ नहीं आतीं
- फोन पर सुनने में दिक्कत होती है
- कान में सीटी या भिनभिनाहट जैसी आवाज़ आती रहती है
- परिवार वाले कहने लगे हैं कि आप ज़रूरत से ऊंचा बोलते हैं
विज़िट में क्या होता है?
- सबसे पहले कान की जांच (ओटोस्कोपी) — वैक्स या इंफेक्शन तो नहीं
- साउंडप्रूफ रूम में PTA और स्पीच ऑडियोमेट्री — हेडफोन पहनकर आवाज़ें सुननी होती हैं
- जरूरत हो तो टिम्पैनोमेट्री से कान के पर्दे की जांच
- उसी दिन रिपोर्ट, और हिंदी में पूरी समझाइश — आगे क्या करना है, साफ-साफ
खर्च कितना आता है?
गांधीनगर में PTA जांच आम तौर पर ₹300–800 में हो जाती है; साथ में स्पीच ऑडियोमेट्री और टिम्पैनोमेट्री जुड़ें तो पूरा पैकेज थोड़ा ऊपर जाता है। रिपोर्ट का अलग चार्ज नहीं — उसी दिन, उसी फीस में। सटीक चार्ज के लिए 88776 72821 पर कॉल/व्हाट्सएप करें — कोई छिपा खर्च नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या जांच में दर्द होता है?
बिल्कुल नहीं। हेडफोन पहनकर आवाज़ें सुननी होती हैं — पूरी तरह दर्दरहित।
क्या डॉक्टर का रेफरल जरूरी है?
नहीं — सीधे फोन या व्हाट्सएप से अपॉइंटमेंट लें: 88776 72821।
सुनने की जांच में कितना समय लगता है?
पूरी जांच — PTA, स्पीच ऑडियोमेट्री और जरूरत हो तो टिम्पैनोमेट्री — आम तौर पर 30–45 मिनट में हो जाती है। रिपोर्ट उसी विज़िट में मिल जाती है।
किस उम्र से सुनने की जांच हो सकती है?
किसी भी उम्र में। छोटे बच्चों के लिए खेल-आधारित जांच (CPA) और नवजात के लिए OAE/BERA उपलब्ध है — उम्र के हिसाब से तरीका बदलता है, जांच नहीं रुकती।
कितने समय में दोबारा जांच करानी चाहिए?
50 साल के बाद या हियरिंग एड पहनने वालों को साल में एक बार जांच करानी चाहिए। शोर वाली जगह काम करते हैं या डायबिटीज़/बीपी है, तो भी सालाना जांच समझदारी है।
