हियरिंग एड खरीदने की चीज़ नहीं — फिट करवाने की चीज़ है। एक ही मशीन किसी की जिंदगी बदल देती है और किसी की दराज़ में पड़ी रहती है — फर्क प्रोग्रामिंग का है। हमारे यहां हर मशीन ऑडियोलॉजिस्ट आपके ऑडियोग्राम के अनुसार सेट करते हैं, और हर फॉलो-अप में मुफ्त फाइन-ट्यूनिंग होती है।
हम क्या इलाज करते हैं
- पहले पूरी जांच, फिर बजट अनुसार 2-3 विकल्प
- मुफ्त ट्रायल — पहले सुनें, फिर तय करें
- BTE, RIC और बिल्कुल अदृश्य (CIC/IIC) मॉडल
- रिचार्जेबल और ब्लूटूथ वाली मशीनें
- बुजुर्गों के लिए घर पर फिटिंग
ये लक्षण हों तो जांच कराएं
- जांच में सुनने की कमी आई है पर मशीन का फैसला टाल रहे हैं
- भीड़, मीटिंग या परिवार की महफिल में आधी बातें छूट जाती हैं
- फोन पर बार-बार दोहराने को कहना पड़ता है
- पुरानी मशीन से सीटी बजती है या आवाज़ साफ नहीं आती
- सुनने की दिक्कत की वजह से मिलना-जुलना कम कर दिया है
- घर के बुजुर्ग टीवी इतना तेज़ सुनते हैं कि बाकी सब परेशान हैं
विज़िट में क्या होता है?
- ताज़ा ऑडियोग्राम — पुरानी रिपोर्ट न हो तो उसी दिन साउंडप्रूफ रूम में जांच
- आपकी लाइफस्टाइल और बजट के अनुसार 2–3 मॉडलों की ईमानदार तुलना
- मुफ्त ट्रायल — मशीन पहनकर असली माहौल में सुनकर देखें, फिर तय करें
- कंप्यूटर से आपके ऑडियोग्राम के अनुसार प्रोग्रामिंग, और हर फॉलो-अप में मुफ्त फाइन-ट्यूनिंग
खर्च कितना आता है?
गांधीनगर में अच्छी डिजिटल मशीनें ₹15,000 से शुरू होती हैं; मिड-रेंज (रिचार्जेबल/ब्लूटूथ) ₹30–70 हज़ार और प्रीमियम अदृश्य मॉडल ₹3 लाख तक जाते हैं। हर दाम में फिटिंग, प्रोग्रामिंग और फॉलो-अप ट्यूनिंग शामिल है — मशीन से पहले PTA जांच (₹300–800) जरूरी है। सटीक चार्ज के लिए 88776 72821 पर कॉल/व्हाट्सएप करें — कोई छिपा खर्च नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हियरिंग एड की कीमत कितनी है?
अच्छी डिजिटल मशीनें लगभग ₹15,000 से शुरू होकर प्रीमियम अदृश्य मॉडल में ₹3 लाख तक जाती हैं। आपकी जरूरत के अनुसार ईमानदार सलाह देते हैं।
एक कान या दोनों?
दोनों कानों में कमी हो तो दोनों में मशीन बेहतर परिणाम देती है — पर आपकी रिपोर्ट के अनुसार सही सलाह देंगे।
हियरिंग एड कितने साल चलता है?
अच्छी देखभाल से 4–6 साल आराम से। रोज़ सूखे कपड़े से साफ करना, नमी से बचाना और साल में एक बार सर्विसिंग — बस इतना ध्यान रखें। हम क्लिनिक पर सफाई और ट्यूनिंग मुफ्त करते हैं।
ऑनलाइन या बाज़ार से सस्ती मशीन ले लें तो?
बिना ऑडियोग्राम और प्रोग्रामिंग के मशीन सिर्फ आवाज़ तेज़ करती है — साफ नहीं। इसीलिए ऑनलाइन ली गई मशीनें अक्सर दराज़ में पड़ी रह जाती हैं। मशीन उतनी ही अच्छी है जितनी उसकी फिटिंग।
रिचार्जेबल या बैटरी वाली — कौन सी बेहतर?
बुजुर्गों के लिए रिचार्जेबल आसान है — रात में चार्जर पर रखो, सुबह पहन लो; छोटी बैटरी बदलने का झंझट नहीं। बैटरी वाली मशीनें थोड़ी सस्ती होती हैं। इस्तेमाल के हिसाब से सही सलाह देंगे।
